बाबा समतल देवता मेला रूहानीपत 7, 8 और 9 जून 2019 आप सब लोगो को यह जानकर ख़ुशी होगी कि हर साल की तरह इस बार भी ब्लॉक पंचैरी के गलियोत और वदोता के बीच में स्थित हजारो साल पुराने बाबा समतल देवता स्थान पर तीन दिन का मेला होने जा रहा है। यह मेला 7 जून 2019 को शुरू होगा और 9 जून 2019 को समाप्त होगा। मेले में पहले दिन बहुत बड़ा दंगल भी होगा। बाबा समतल का दरवार चारो ओर से देवदार के घने जंगलो से घेरा हुआ है। और यहाँ की सुन्दरता देखते ही बनती है। इस स्थान को देखने के बाद गुलमर्ग, पत्नीटाप और रियासत के पर्यटक स्थलों की खूबसूरती यहाँ के प्रकृतिक सौंदर्य के आगे फीकी पड़ जाती है। मुगलो के समय में जब भारत में मन्दिरो को लुटा गया था। उस समय बाबा समतल जी के मन्दिर को मुग़ल शासक नहीं लूट सका था। जिसकी बजह से आज भी बाबा समतल जी के मन्दिर में लगभग वीस किलो सोने की मोहरे पड़ी हुई है। जिन पर शेषनाग का बास है। और मन्दिर की यात्रा वाले दिन पुजारी पुरे मन्दिर को सोने की मोहरो से सजाते है यहाँ का एक और अद्भुत चमत्कार है एक बार मन्दिर के आँगन में देवदार के पेड़ को काटा गया था पेड़ निचे से काट...
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पशु पालन विभाग और ग्रामीण इलाको की तरक्की जैसा की हम सब जानते है कि भारत की 70% जन्संख्या 2011 कि जनगणना के अनुसार गांव में रहती है और उसका गुजर बस्सर खेती और पशु पालन से होता है। खेती पशु पालन के लिए जरुरी है। और पशु पालन बिना खेती अधुरी है। खेतीबाड़ी से हमे खास मौसम पर ही फसल तैयार होने पर आमधणी प्राप्त होती है। जबकि पशु पालन से हमे लगातार आमधनी प्राप्त होती है। बड़ती जनसख्या के साथ हमारी जमीन खेती बाड़ी के लिए कम पड़ती जा रही है। तो यह जरुरी है की हम उच्च नसल के ही कम पशु पाल कर दूध की ज्यादा से ज्यादा पैदावार हासिल करें जिससे हमारी ग्रामीण जनसख्या को अच्छी खुराक दूध, दही, मक्खन, घी और लस्सी की सूरत उपलब्ध हो और पशु पालन से हमारे किसानों की अच्छी आमधनी भी प्राप्त होती है। दूध की ज्यादा उत्पादन हासिल करने के लिए सरकार की तरफ से पशु पालन विभाग बनाया गया है जिसकी वजह से भारत दुनियाभर में दूध के उत्पादन ...