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Poultary farm
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चेवरो नस्ल की मुर्गीयाँ १. चेवरो नस्ल की मुर्गियां अण्डे और मीट के लिए पाली जाती है। २. इन मुर्गियों का रख रखाव देसी मुर्गियों की तरह किया जाता है। ३. यह मुर्गियां किसी भी मौसम में पाली जाती हैं। ४. इस नस्ल की मुर्गियों का पालण पोषण देसी मुर्गियों के पालन पोषण जैसा ही है। एक मुर्गी एक साल में १६० - १७० अण्डे देती है। इन अण्डो की विक्री करने पर अच्छा धाम मिलता है। ५. एक मुर्गी लगभग १७५ - १८० दिन में अण्डा देना छूरु कर देती है और इन मुर्गियों का वजन तकरीवन ३ - ३.५ कि ० ग्रा ० तक होता है। ७ इस नस्ल की मुर्गियां देसी मुर्गियों जैसी लगती हैं और इनके वेचने पर अच्छा धाम मिल जाता है। ७. पशु पालन विभाग लोगों को इस नस्ल के चुके एक माह पालकर और गातक विमारियों जैसे रानीखेत गम्वोरो के टीके लगाकर सस्ते धाम पर पालने के लिए देता है। शायकर्ता पशु पालण विभाग चुजे पशुओं उधमपुर दूरभाष नं० ९१९९२२२७०४१४
कक्षा दूसरी का पेपर डाले
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कक्षा - दूसरी प्र01 : - गद्यांश पढ़कर निम्मनलिखित प्रशनो के उत्तर दो :- समीर अच्छा लड़का है। वह सूर्य उदय होने से पहले उठता है। समीर का छोटा बाई है - मधुप। वह बहुत आलसी है। कोई भी काम को समय पर नहीं करता। ना उसे स्कूल की चिंता है, ना माँ - बाप की डांट की। क ) समीर का छोटा भाई कौन है ? ख ) समीर कैसा लड़का है ? ग ) आलसी कौन है ? i) मदुप ( ) ii ) समीर ( ) प्र02 : - निम्मनलिखित प्रशनो के उत्तर दो - (कोई तीन) क) नन्हे - मुन्हें बच्चे किसकी रक्षा के लिए बलि जाएंगे ? ख) कबूतर जाल किस प्रकार ले उड़े? ग ) छोटे बालक बड़े कार्य किस प्रकार कर सकते है ? घ) आलस किन बालकों में बढ़ता है ? प्र03:- सही विकल्प चुनकर टिक का चिन्ह लगाए - क) कबूतरों का जाल किसने काटा? कुत्ते ने ( ) ...
Shiksha wedding
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दो अलग अलग लोग जब शादी के पवित्र बन्धन में जुड़ते है, खुशियां के पक्षी तब सपनो के आसमान में उड़ते है। हवा में सांज, गीतों में राग होता है। शिक्षा में आप मेरी गल्ती पर ध्यान मत देना क्योकि चमकते चाँद में भी दाग होता है। स्वर्गीय श्री सुबाष चन्द्र के घर लान्सी में 1998 8 फरबरी को बहुत मिननतों बाद आई एक नन्ही परी जिसका नाम प्यार से कविता रखा, जो आज अंकुश जी के साथ एक नए बन्धन में बन्धने जा रही है। अपनी बहन के नए सफर में उनकी छोटी बहन प्रीती उनसे कुछ कहना चाहती है। सोच रही हूँ, ऐसे मौके पर बहन को क्या उपहार दूँ। अचानक मन में आया क्यों न शिक्षा का उपहार दूँ। सुना - सुना हुआ घर, सुनी - सुनी हुई गली, लाड प्यार से पाली बहना, आज बाबुल का घर छोड़ चली। माली ने पूछा मालिन से फूलों पर यौवन क्यों छाया है। कहा मालिन ने माली से खा आज दो घरों के मिलान का समय आया है। गिने जाते है दिन लिए वो रात आज आ पहुँची है। कहते है दादा - दादी अपनी लाड़ली को दुआएं देते है, फूलों -फलो सदा खुश रहो यही आशीर्वाद देते है। जिस माँ ने जन्म दिया, उस माँ से जुड़ा तुम हो जाओगी।...